दुनिया भर में कोरोना संक्रमण से करीब 4 लाख असमय मौत
मौत का कहर; बात चाहे जैसे भी असमय मृत्यु की हो ह्रदय विदारक और पीड़ा दाई होती है। साल 2020 मनुष्य के बिना कीमत जान गवाने वाले साल में परिवर्तित होता जा रहा है, जहां कोरोना आपदा और संक्रमण से दुनिया भर में करीब 4 लाख मौतें हुई वहीं भारत की बात करें तो कोरोना आपदा के अतिरिक्त एलपीजी पॉलीमर गैस लीक वाइजैग और उड़ीसा तथा पश्चिम बंगाल में प्राकृतिक चक्रवात अल्फान से भारी तबाही के साथ जानमाल का भी बहुत नुकसान हुआ। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जारी लॉक डाउन से श्रमिक और कामगारों में बने अफरातफरी के माहौल से भूख, मीलों मील पैदल चलना और श्रमिकों को ले जाने वाले वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत का आंकड़ा और भी बढ़ता जा रहा है।
ताजा मामला नेपाली मजदूरों की मौत से जुड़ा हुआ है, बड़ी संख्या में नेपाली कामगार भारत में आकर आजीविका चलाने के लिए काम धंधा करते हैं लेकिन लाक डाउन के वजह से अपने घर वापस ना जा पाने से सभी भारत में फंसे रहे और लॉक डाउन में छूट का इंतजार करते रहे। ऐसी ही नेपाली श्रमिकों को भारत से नेपाल ले जा रही एक बस भारत- नेपाल बॉर्डर रूपईडीहा के पास सड़क के किनारे खड़ी ट्रक में जा घुसी और दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमें 12 नेपाली श्रमिकों की मौत हुई एवं कम से कम 25 यात्रीगण घायल है जिनको उपचार हेतु नेपालगंज मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
ताजा मामला नेपाली मजदूरों की मौत से जुड़ा हुआ है, बड़ी संख्या में नेपाली कामगार भारत में आकर आजीविका चलाने के लिए काम धंधा करते हैं लेकिन लाक डाउन के वजह से अपने घर वापस ना जा पाने से सभी भारत में फंसे रहे और लॉक डाउन में छूट का इंतजार करते रहे। ऐसी ही नेपाली श्रमिकों को भारत से नेपाल ले जा रही एक बस भारत- नेपाल बॉर्डर रूपईडीहा के पास सड़क के किनारे खड़ी ट्रक में जा घुसी और दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमें 12 नेपाली श्रमिकों की मौत हुई एवं कम से कम 25 यात्रीगण घायल है जिनको उपचार हेतु नेपालगंज मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
सीमित संसाधन में गुजर करने वाले देश के निर्माणकर्ता श्रमिक और उनका परिवार इन दिनों हो रही बेमौत मौतों से कैसे उभर पाएगा यह चिंता का विषय है,
सरकारों से मुआवजों की आस मात्र अपनों को खो चुके परिवारों को आने वाला कल दिखाने के लिए उम्मीद है। ईश्वरी प्रार्थना में श्रमिकों और मजदूरों का सकुशल प्रवास अब हम सभी को शामिल कर लेना चाहिए क्योंकि इस महा संकट में सिर्फ चमत्कार होना ही मात्र सहारा बचा है -
आयुष मिश्रा की रिपोर्ट



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