कही विकास का आत्म समर्पण नरोत्तम मिश्र का मास्टर स्ट्रोक तो नही, यूपी चुनाव में (एमपी के वर्तमान गृहमंत्री) नरोत्तम मिश्रा कानपुर के चुनाव प्रभारी थे
- परवेज़ आलम राज्य ब्यूरो यूपी, कानपुर में आठ पुलिस वालों की निर्मम हत्या के मुख्य आरोपी विकास दुबे ने मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर में नाटकीय ढंग से आत्म समर्पण किया है, यह पूरे घटनाक्रम को प्रायोजित सरेंडर भी कह सकते हैं.
लगातार सामने आ रही ख़बरों के मुताबिक़ विकास दुबे ने महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मी को बताया मैं हूं यूपी का पांच लाख का इनामी विकास दुबे.
विकास दुबे ने जिस तरह कैमरों के सामने चिल्ला चिल्ला कर कहा कि ” मैं विकास दुबे हूँ कानपुर वाला.” उससे साफ़ है कि यह सब योजना का अंग है ताकि यह सबूत रहे की वह जीवित पकड़ा गया. इससे उसके मुठभेड़ में मारे जाने की आशंका समाप्त हो जाए.
ज्ञातब्य हो कि मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है.गृहमंत्री मध्यप्रदेश नरोत्तम मिश्रा ने कहा मंदिर को बीच में ना लाया जाए कि मंदिर के बाहर या अंदर से कहाँ गिरफ्तार किया गया विकास दुबे. हमारी कस्टडी में है दुबे 5लाख का इनामी है विकास दुबे
विकास को उज्जैन के महाकाल परिसर से गिरफ़्तार किया गया है, वह पूरी तरह प्रायोजित लगता है. ऐसा लगता है कि इस योजना को किसी ऐसे शक्तिशाली व्यक्ति का आशीर्वाद था, जिसका उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों सरकारों पर ज़बरदस्त प्रभाव है. बाबा महाकाल के दर्शन के बाद विकास दुबे ने चिल्लाकर कहा मैं हूं विकास दुबे कानपुर वाला.
पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठना लाज़मी भी है, क्योंकि जिस विकास ने एक C.O. व S O समेत 8 पुलिस वालो को मौत दी थी, उसी कानपुर यूपी के चुनाव प्रभारी वर्तमान गृह मंत्री मध्यप्रदेश रह चुके है, गौर करने वाली बात यह है कि कानपुर का हर नेता विकाश के इर्द गिर्द घूमता दिखाई देता है,
कही विकास का आत्म समर्पण नरोत्तम मिश्र का मास्टर स्ट्रोक तो नही, यूपी चुनाव में (एमपी के वर्तमान गृहमंत्री) नरोत्तम मिश्रा कानपुर के चुनाव प्रभारी थे
मध्यप्रदेश सरकार के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा को उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए भाजपा की ओर से जारी की गई स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया था। महत्वपूर्ण यह भी है कि स्टार प्रचारकों की सूची में जगह पाने वाले वह प्रदेश के इकलौते मंत्री थे और उन्हें सूची में वरुण गांधी से ऊपर जगह दी गई है।
भारतीय जनता पार्टी ने कानपुर क्षेत्र का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया था। वह मध्यप्रदेश में भाजपा के संगठन महामंत्री रहे अरविंद मेनन के साथ मिलकर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए थे। वैसे, नरोत्तम को मैनेजमेंट का मास्टर माना जाता है।
नफा या नुकसान
नरोत्तम को प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्रियों में माना जाता है। उन्हें संगठन से ज्यादा सत्ता का महारथी माना जाता है। लेकिन कानपुर क्षेत्र का चुनाव प्रभारी बनकर उन्होंने संगठन के भीतर भी अपनी पकड़ मजबूत होने के संकेत दिए थे। इसके बाद उनका स्टार प्रचारकों की सूची में आना भी उनके कद को बढ़ा रहा है। लेकिन इसी के साथ ही उनके राजनीतिक नफा-नुकसान पर चर्चा शुरू हो गई है। इनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भी नफा नुकसान देखने मे लगे थे,


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