माघ मेला : जमीन आवंटन को लेकर खाक चौक के संत धरने पर बैठे, मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
माघ मेला 2021 के लिए जमीन आवंटन के दूसरे दिन प्रशासन की सिरदर्दी बढ़ गई। जैसी आशंका थी, ठीक उसी के अनुसार खाक चौक व्यवस्था समिति के संत त्रिवेणी मार्ग पर जमीन की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। तीन चरणों में पांच घंटे तक प्रशासन के साथ चली बातचीत के बाद कोई नतीजा नहीं निकला। मेला कार्यालय भवन के सामने संतों का धरना जारी है। इसके चलते बुधवार को होने वाला जमीन आवंटन नहीं हो सका।
खाक चौक व्यवस्था समिति को मेले में जमीन आवंटन बुधवार को किया जाना था। मंगलवार को ही समिति के सदस्यों ने ऐलान किया था कि सभी मुकामधारियों को एक ही जगह पर त्रिवेणी मार्ग पर बसाया जाए। खाक चौक के लिए 185 बीघा जमीन दी जाती है। प्रशासन लगभग 30 बीघा जमीन झूंसी मनसैता नाला के पास देने के लिए कह रहा है। प्रशासन का कहना है कि बीच में संगम लोअर मार्ग आ रहा है। जहां पर कुछ संस्थाओं को जमीन दी जानी है। ऐसे में कुछ संतों को मनसैता नाला के पास जगह दी जाएगी।
इसी बात पर खाक चौक के संत नाराज हो गए। खाक चौक व्यवस्था समिति के महामंत्री व महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा का कहना है कि खाकचौक के सभी मुकामधारी एक ही जगह पर रहेंगे। अगर जमीन नहीं दी जाएगी तो संतों का धरना जारी रहेगा। रात में भी संत मेला कार्यालय में धरने पर बैठे रहे। संतों को मनाने के लिए मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी व सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश मिश्र पूरे दिन कवायद करते रहे। मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी के अनुसार जमीन को लेकर संतों से बातचीत चल रही है। बीच का रास्ता निकाला जा रहा है। कुछ जमीन कटान में जाने के कारण परेशानी हो रही है। जल्द ही बीच का रास्ता निकाला जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा मामला
संतों व प्रशासन के बीच बात हो रही थी, इसी बीच व्यवस्था समिति के महामंत्री संतोष दास सतुआ बाबा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन पर मामले की जानकारी दे दी। जैसे ही सीएम कार्यालय फोन पहुंचा अफसरों के हाथ-पांव ठंडे हो गए। अफसर इस दुविधा में हैं कि किया क्या जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मेला होने के कारण संतों को नाराज भी नहीं किया जा सकता है। अगर किसी संस्था को हटाया गया तो लोग कोर्ट जाएंगे। ऐसे में एक नया झमेला शुरू होगा।
यह है विवाद
इस बार माघ मेला केवल कल्पवासियों और साधु संतों के लिए होना है। इसी मांग को लेकर खाक चौक व्यवस्था समिति त्रिवेणी मार्ग पर जमीन मांग रही है। समिति का कहना है कि जब दूसरी संस्थाएं आनी ही नहीं हैं तो उनकी जमीन क्यों रोकी जा रही है। जबकि प्रशासन आने वाली किसी भी संस्था को मना नहीं कर सकता है। अपील जरूर की जा रही है कि लोग इस बार न आए तो उनकी सुविधा कटेगी नहीं, लेकिन जब प्रशासनिक तौर पर मेला चल रहा है तो किसी को मना करना संभव नहीं है।
http://dlvr.it/RpFcjQ
http://dlvr.it/RpFcjQ

No comments