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दिलीप मिश्र की जमानत निरस्त करने को अर्जी. कैबिनेट मंत्री नंदी पर रिमोट बम से जानलेवा हमले में हैं आरोपी


प्रयागराज। राज्य सरकार ने कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता पर दशकभर पूर्व रिमोट बम से हुए जानलेवा हमले के मामले में आरोपी दिलीप मिश्र की जमानत निरस्त करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की है। कोर्ट ने इस अर्जी पर फतेहगढ़ जेल में बंद पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्र को नोटिस जारी किया है। साथ ही सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख लगाई है। यह आदेश न्यायमूर्ति उमेश कुमार ने अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व अपर शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार संड को सुनकर दिया है।

जमानत निरस्त करने के लिए दाखिल राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि 12 जुलाई 2010 को प्रयागराज के कोतवाली थानाक्षेत्र स्थित बहादुरगंज में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी पर रिमोट बम से जानलेवा हमला किया गया था। उस घटना में एक पत्रकार सहित दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि कैबिनेट मंत्री नंदी को जानलेवा चोटें आई थीं। उस मामले एवं गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में आरोपी चाका ब्लाक के पूर्व प्रमुख दिलीप मिश्र की हाईकोर्ट से जमानत मंजूर हुई थी।

जमानत निरस्त करने की मांग करते हुए राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि घटना के समय दिलीप मिश्र के खिलाफ विभिन्न थानों में 32 आपराधिक मामले थे। इस समय उसका 47 मुकदमों का लंबा आपराधिक इतिहास है जबकि जमानत मंजूरी के आदेश में किसी आपराधिक घटना में शामिल न होने की शर्त भी है। इसलिए ऐसी स्थिति में उस सनसनीखेज मामले में दिलीप मिश्र को मिली जमानत निरस्त की जानी चाहिए।

 

 

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