दामोदर दास अध्यक्ष, मारुति बाबा बने उपाध्यक्ष. विवाद के बाद दो खेमे में बंट गई खाक चौक व्यवस्था समिति
प्रयागराज। महात्माओं की सबसे बड़ी संस्था खाक चौक व्यवस्था समिति दो खेमे में बंट गई है। माघ मेले में रविवार को महामंडलेश्वर संतोषदास 'सतुआ बाबाÓ ने शक्ति प्रदर्शन किया। उनके शिविर में हुई बैठक में 107 मुकामधारी शामिल हुए। इनमें से कई मुकामधारी गत 17 फरवरी को महामंडलेश्वर सीताराम दास की बैठक में भी शामिल हुए थे। संतोषदास के शिविर में हुई बैठक में दामोदर दास को अध्यक्ष व जगदीश दास 'मारुति बाबाÓ को उपाध्यक्ष चुना है। शशिकांत दास व गोकर्ण दास सदस्य बनाए गए हैं।
सतुआ बाबा गुट ने कोतवाल बालक दास को बर्खास्त कर मौनी बाबा रामशरण दास व प्रयागदास को कोतवाल बनाया है। इससे पहले संतोषदास ने महामंत्री पद से इस्तीफा देने की पेशकश की, जिसे सबने अस्वीकार कर दिया। वरासत के प्रकरणों में 54 नामों पर विचार किया गया। संचालन महंत अभिरामदास ने किया। उपस्थित संतों में जगद्गुरु बिनैका बाबा, महंत पुरुषोत्तम दास, महंत चेतनदास, रामनरेश दास, महंत शत्रुघ्न दास मुख्य थे।
तकरार 13 फरवरी को शुरू हुई। महामंडलेश्वर संतोषदास ने अध्यक्ष सीताराम दास पर नियम विरुद्ध काम करने का आरोप लगाते हुए उपाध्यक्ष जन्मेजय शरण को कार्यकारी अध्यक्ष बनवा दिया। इसके बाद 14 फरवरी को सीताराम के समर्थकों ने बैठक की और उन्हें अध्यक्ष बनाए रखने का निर्णय हुआ। संतोषदास ने सीताराम दास समर्थकों जयराम दास, अतुल दास के खिलाफ झूंसी थाना में एफआइआर दर्ज कराई। इसके बाद सीताराम दास ने भी 15 फरवरी को संतोषदास के खिलाफ थाने में तहरीर दी। उनके गुट ने 17 फरवरी को संतोषदास को महामंत्री पद से बर्खास्त कर दिया। कोल्हुनाथ खालसा के महंत रामकृष्ण दास को महामंत्री बनाया गया।


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