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डॉ वंदना द्विवेदी को मिलेगा व्यास सम्मान,संस्कृत के प्रचारोपाय पर विशिष्ट व्याख्यान

प्रातःकाल एक्सप्रेस, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान-2020 के सर्वोच्च पुरस्कारों की घोषणा हो गयी है।  नवयुग डिग्री कॉलेज राजेंद्र नगर,लखनऊ के संस्कृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ वंदना द्विवेदी को व्यास सम्मान के लिए चुना गया है। डा वंदना द्विवेदी ने संस्कृत भाषा में कुंभ मीमांसा नामक पुस्तक लिखी है। आजमगढ़ निवासी डॉ वंदना द्विवेदी की शिक्षा दीक्षा इंटरमीडिएट तक आजमगढ़ में और उच्च शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए,पीएचडी और नेट क्वालीफाई किया है। उच्च शिक्षा सेवा आयोग उत्तर प्रदेश प्रयागराज से असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन हुआ है।  जो वर्तमान में नवयुग डिग्री कॉलेज राजेंद्र नगर, लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर शिक्षण कर रही है। असिस्टेंट  प्रोफेसर डॉ वंदना द्विवेदी ने संस्कृत में कुंभ मीमांसा नामक पुस्तक लिखी है। उसका विमोचन कुंभ मेला- 2019 तीर्थराज प्रयाग में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जगतगुरु स्वामी हंसदेवाचार्य महराज के शिविर में किया था।  इस दौरान अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र महराज, अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी हरि गिरि महाराज, न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय सहित अन्य प्रमुख लोग मौजूद थे। असिस्टेंट  प्रोफेसर डाॅ वंदना द्विवेदी उ०प्र ०माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की सम्मानित सदस्य भी है। असिस्टेंट प्रो डॉ वंदना द्विवेदी का कहना है कि जितना प्राचीन सनातन धर्म है उतना ही प्राचीन संस्कृत है। इससे बदलते दौर के साथ संस्कृत को विशेष संरक्षण की जरूरत है इसके लिए समाज और सरकार को विशेष ध्यान देना होगा तभी संस्कृत का संरक्षण ,संवर्धन एवं विकास  होगाऔर समुन्नत होकर आगे बढ़ पाएगी और जन जन की भाषा बन पायेगी तभीउसका लाभ सभी को मिलेगा।

संस्कृत के प्रचारोपाय पर विशिष्ट व्याख्यान 
 
नवयुग कन्या महाविद्यालय राजेंद्र नगर लखनऊ तथा संस्कृत भारती अवध प्रांत के संयुक्त तत्वाधान में संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत संस्कृत के संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार पर डॉ वंदना द्विवेदी के संयोजकत्व में विशिष्ट विद्वद् व्याख्यान का  ऑनलाइन आयोजन बुधवार को किया  गया । कार्यक्रम का प्रारंभ डॉ वंदना द्विवेदी द्वारा वैदिक मंगलाचरण से किया गया तथा सरस्वती वंदना विद्योमा  द्विवेदी ने किया और इसके बाद  संस्कृत ध्येय मंत्र नीलांगी पाटिल स्नातक पंचम सत्र की छात्रा द्वारा किया गया ।अतिथियों का स्वागत नवयुग कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सृष्टि श्रीवास्तव   द्वारा किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि का व्यक्तित्व एव कृतित्व का परिचय डाँ रत्नेश त्रिपाठी सह प्रान्त मंत्री संस्कृत भारती अवधप्रान्त  दारा दिया गया । संस्कृत जगत के प्रसिद्ध विद्वान कवि पूर्व कुलपति संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पद्मश्री प्रोफेसर अभिराज  राजेंद्र मिश्र थे उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत के प्रतिष्ठा के दो आधार स्तंभ है भारतीय संस्कृत एवं संस्कृत आज भारत अपने देश में ही नहीं अपितु समूचे विश्व में अपने भारतीय संस्कृति एवं देवभाषासंस्कृत के कारण जाना जाता है संस्कृत भाषा का संवर्धन प्रचार प्रसार कैसे हो तथा यह जन-जन की भाषा कैसे बने इसके लिए हमें संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार पर बहुत जागरूकता की जरूरत है संस्कृत भाषा केवल भाषा नहीं है अभी तो देववाणी रूप में भी जानी जाती हैं हमारा पूरा वैदिक वांग्मय संस्कृत भाषा में ही निबद्ध है। अखिल भारतीय प्रचार गण सदस्य  संस्कृतभारती दिल्ली प्रांत विशिष्ट   वक्ता के रुप मे डॉक्टर  अशोक कुमार उपस्थित रहे  उन्होंने संस्कृत उद्बोधन में  संस्कृत के प्रचार प्रसार में विभिन्न  उपायों पर  अपना विचार व्यक्त किया  जैसे संस्कृत के प्रचार प्रसार में  यूट्यूब वीडियो टेलीग्राम ऑनलाइन शिक्षण  ऑनलाइन लेक्च दूरदर्शन वार्तावली संस्कृत पत्रिका संस्कृत शिविर प्रशिक्षण शिविर नाटक आदि विभिन्न पक्षोपर अपना विचार व्यक्त किए। विशिष्ट वक्ता के रूप में  उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के के उपाध्यक्ष  संस्कृत भारती  अवध  प्रांत के अध्यक्ष शोभन लाल उकिल ने संस्कृत भाषा के  रक्षण   प्रचार  प्रसार उपायपर विशेष रूप  उद्बोधन में कहां की   संस्कृत सप्ताह में  हम लोगों को संकल्प लेना चाहिए कि संस्कृत के प्रचार प्रसार में हम संस्कृत को नई दिशा प्रदान करेंगे  कार्यक्रम का संचालनएवं धन्यवाद ज्ञापन  डाँवंदना   द्विवेदी द्वारा किया गया कार्यक्रम में  डॉ देवेश मिश्रा सहआचार्य इग्नू  ,डॉ धर्मेंद्र गुप्ता प्राचार्य, महामाया नगर श्रावस्ती , डॉ मनोज कुमार द्विवेदी तेरही डिग्री कालेज आजमगढ डाँ दीप्ति विष्णु इ,0वि0वि प्रयागराज डाँ उमेश शुक्ल ,डाँ जितेन्द्र आदि उपस्थित रहे।


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