इन शहरों में बिजनेस शुरू करने वालों को मिल रही है सबसे ज्यादा फंडिंग...
नई दिल्ली। अगर आप दिल्ली–एनसीआर या बेंगलुरु में अपने बिजनेस की शुरुआत करते हैं तो आपके पास फंडिंग जुटाने के मौके ज्यादा है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2017 के पहले छह माह के दौरान इन दो शहरों में बिजनेस करने वाले स्टार्टअप्स को सबसे ज्यादा फंडिंग हासिल हुई है। इंक42 डाटाबेस के मुताबिक, 2017 की पहली छमाही के दौरान बेंगलुरु में 144 डील्स के साथ 2.57 अरब डॉलर की टोटल फंडिंग मिली जबकि दिल्ली में 128 डील्स के साथ 2.12 अरब डॉलर की फंडिंग मिली है।
जनवरी 2015 से जून 2017 के बीच की फंडिंग
जनवरी 2015 से जून 2017 के बीच बेंगलुरु के 686 स्टार्टअप्स ने 6.34 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई है। वहीं, दिल्ली के 760 स्टार्टअप्स ने 7.2 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई। बेंलगुरु में ज्यादा फंडिंग की वजह फ्लिपकार्ट, इनमोबी जैसी बड़ी कंपनियों की मौजदूगी की वजह से है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में गुरुग्राम, गाजियाबाद और नोएडा का हिस्सा शामिल है।
तेजी से बढ़ रहे हैं दूसरे शहर
दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु के अलावा दूसरे शहर भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 2017 के पहले छह माह के दौरान मुंबई में 92 डील्स के जरिए करीब 62 करोड़ डॉलर की फंडिंग मिली है। वहीं, पूणे में 16 डील्स के जरिए स्टार्टअप्स को करीब 11 करोड़ डॉलर का इन्वेस्टमेंट मिला है। इसके अलावा, कोलकाता में स्टार्टअप्स को इसी अवधि के दौरान 8 डील्स के तहत 1.15 करोड़ डॉलर की फंडिंग मिली है।
स्टार्टअप्स को मिली35हजार करोड़ रुपए की फंडिंग
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जून 2017 के दौरान करीब 452 इंडियन टेक स्टार्टअप्स को 5.56 अरब डॉलर (करीब 35 हजार करोड़ रुपए) का इन्वेस्टमेंट मिला है। वहीं, 2017 के पहले क्वार्टर में 206 स्टार्टअप्स को 1.46 अरब डॉलर और दूसरे क्वार्टर में 4.1 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट मिला है। दूसरे क्वार्टर में फ्लिपकार्ट (अप्रैल में) की 1.4 अरब डॉलर और पेटीएम (मई में) की 1.4 अरब डॉलर फंडिंग शामिल है।
विलय और अधिग्रहण भी बढ़ा
टेक्नोपैक एडवाइजर्स के चेयरमैन अरविंद के सिंघल ने moneybhaskar.com को बताया कि 2015 के बाद विलय एंड अधिग्रहण डील्स में तेजी देखने को मिली है। वहीं, इस साल इन्वेस्टर्स की ओर से नए सेक्टर्स पर फोकस बढ़ाते हुए फंडिंग में इजाफा किया है। यही वजह है कि फिनटेक और हेल्थकेयर में स्टार्टअप्स की संख्या बढ़ी है।
फंडिंग बढ़ने की वजह से इस साल विलय और अधिग्रहण (एमएंडए) मामलों में इजाफा दर्ज किया गया है। 2017 की पहली छमाही में करीब 71 एमएंडए हुए हैं। इस साल अब तक पहले बढ़े मर्जर में फ्लिपकार्ट की ओर से ईबे के भारतीय बिजनेस को खरीदना है। वहीं, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील के बीच होने वाले संभावित मर्जर पर भी चर्चा चल रही है।

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