रूढ़िवादी विचारधाराओं से हटकर प्रदेश को स्वच्छ बनाने में करें सहयोग.....मुख्यमंत्री आदित्यनाथ
इलाहाबाद में गंगा ग्राम सम्मेलन से स्वच्छ भारत मिशन को मिली नयी दिशा। 24 गांवों को किया गया ओडीएफ एवं 35 स्वच्छता रथों का हुआ शुभारम्भ । रथों के माध्यम से लोगों में स्वच्छता के प्रति फैलाई जायेगी जागरूकता । सरकार हर समस्या का समाधान लेकर आयी है - योगी आदित्यनाथ रूढ़िवादी विचारधाराओं से हटकर प्रदेश को स्वच्छ बनाने में करें सहयोग । उ.प्र. को ओडीएफ किये जाने हेतु जनसहभागिता जरूरी - मुख्यमंत्री मोबाईल फोन के अपेक्षा घर में शौचालय होना जरूरी -उप मुख्यमंत्री, केशव प्रसाद मौर्या नदियों के किनारे उपयोगिता वाले वृक्षों को दी जाय वरीयता- केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमाभारती अर्द्धकुम्भ की तैयारियों का रिहर्सल होगा माघ मेला 2018 जिलाधिकारी इलाहाबाद हुए सम्मानित।
12 अगस्त 2017 इलाहाबाद। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इलाहाबाद के जनपद के गांवों एवं शहर को ओडीएफ करने तथा स्वच्छता के माध्यम से स्वच्छ राष्ट्र के निर्माण की दिशा में बहुत बड़ी पहल का आगाज हुआ। युनाइटेड कालेज नैनी, इलाहाबाद के विशाल सभागार में आयोजित कार्यक्रम गंगा ग्राम सम्मेलन में उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्री जल संसाधन एवं नदी विकास सुश्री उमा भारती, ग्रामीण विकास एवं शहरी विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, उ.प्र. के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, पंचायत राज मंत्री भूपेन्द्र सिंह के साथ इलाहाबाद के श्यामाचरण गुप्ता के अलावा इलाहाबाद के सभी विधायक एवं गंगा के किनारे के अन्य जनपदों से आये ग्राम प्रधान तथा भारी जनसमूह ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस भव्य कार्यक्रम का शुभारम्भ सुश्री उमाभारती, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या तथा केन्द्रीय मंत्रियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर हुआ।
शुभारम्भ के दौरान सामरोह स्थल पर भारत माता एवं गंगा मइया के जय घोष से गूंज उठा। कार्यक्रम के प्रारम्भ में ही मंच पर उपस्थित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों आदि के साथ उपस्थित समस्त जनसमूह को स्वच्छता की शपथ दिलायी गयी। कार्यक्रम के प्रारम्भ में जनजागरूकता के लिए नुक्कड नाटकों और छोटी फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। जिनको उपस्थित जनसमुदाय ने भाव विभोर होकर तालियों से सराहा। मा. केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा कि गंगा की स्वच्छता और उनके महत्व को सुरक्षित रखने के लिए उनकी सरकार एक नया कानून बनाये जाने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गंगा को देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की विरासत मानकर उनका संरक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर विभाग गंगा के साफ-सफाई के लिए अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने कहा कि किसी भी नदी के प्रवाह को बांध से पूरी तरह बाधित नही किया जा सकता है। उमा भारती ने कहा कि गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने में जलीय जीव जन्तुओं का विशेष योगदान रहता है।
इसीलिए उनकी सरकार द्वारा नदियों एवं विशेष तौर पर गंगा के संरक्षण के लिए एक्वालाइफ का प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा के किनारे गांवों के ओडीएफ किये जाने के साथ-साथ गांव के चैपाल एवं तीर्थो का भी सुन्दरीकरण कर गांव को निर्मल एवं स्वच्छ बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव में स्वच्छता के लिए सामजिक जागरूकता को होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि नदियों के प्रति लोग अपनी जिम्मेदारी का एहसास करें। उन्होंने प्रभावशाली ढंग से कहा कि भारत की संस्कृति में नदी और नारी का संरक्षण एक प्राचीन परंपरा है तथा यह प्रकृति और समाज दोनों की सुरक्षा के क्षेत्र की बहुत बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने गंगा में उनकी समस्त धाराओं के अविरल प्रवाह और गंगा के उत्तर काशी से लेकर गंगा सागर तक के प्रवाह मार्ग को निर्मल बनाये रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला तथा यह कहा कि गंगा के किनारों को उनके पूरे प्रवाह मार्ग में वृक्षारोपण कर तथा स्थान-स्थान पर उनमें गिरने वाले अपशिष्ट को रोककर ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन भारत सरकार के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने किया। उसके उपरान्त करते हुए केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने स्वच्छता की वैचारिक पृष्ठ भूमि पर प्रकाश डाला और यह कहा कि स्वच्छता के इस महान कार्यक्रम में हमारा लक्ष्य गांवों को केवल ओडीएफ करना ही नहीं बल्कि इसके माध्यम से हमे स्वच्छता का एक संस्कार समाज में विकसित करना है जो आगे चलकर समाज की हर गतिविधि में दिखायी देगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों को केवल ओडीएफ नहीं बल्कि ओडीएफ प्लस भी करना है जिसमें गांवों के वातावरण को भी सुन्दर बनाये जाने की योजना है। मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान यूनाइटेड कालेज, नैनी के सभागार में नमामि गंगे कार्यक्रम में आमजन को गंगा जी के साथ जुड़ने का आहवान किया तथा उन्होंने 24 ग्रामों को खुले मे शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने के साथ जनजागरूकता के लिए 35 स्वच्छता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर एसबीएम डैश बोर्ड का शुभारम्भ भी किया, इसमें दिये विषयों पर लोगों से सुझाव आमंत्रित किये जायेंगे और लोगों पुरस्कृत भी किया जायेगा। इसी अवसर पर एक त्रैमासिक सूचना पत्र का एवं इससे संबधित शासनादेशों के संकलन का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री जी ने बल्क एसएमएस के माध्यम से लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 30 लाख लोगों को मंच से एसएमएस भेजने की व्यवस्था का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मा. प्रधानमंत्री जी की पहल पर पूरे देश में स्वच्छता के प्रति हर व्यक्ति जागरूक हो रहा है। उन्होंने कहा कि आम व्यक्ति के मन में स्वच्छता के प्रति यह झुकाव देश स्वच्छता के संकल्प को पूरा करने का एक शुभ संकेत है।
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में 1011 गांवों को ओडीएफ किया गया है तथा उ.प्र. के तीन जनपद बिजनौर, हापुड एवं गाजियाबाद को भी ओडीएफ पूरी तरह से कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 31 दिसम्बर तक 30 जनपदों को ओडीएफ किये जाने का लक्ष्य है मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि पूर्वान्चल में बच्चों की बीमारी इन्सेफेलाइटिस से असमय होने वाली मृत्यु के पीछे गंदगी होना एक महत्वपूर्ण वजह होती है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को स्वच्छता के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार हर समस्या का समाधान लेकर आयी है लेकिन उसके साथ समाज को जागरूक होकर जुड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार निरंतर प्रदेश को प्रगति पथ और आगे बढ़ाये के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ इक्नायवे लाख शौचालय निर्माण होने हैं, जिसके सापेक्ष 43 लाख शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। 78 लाख शौचालयों का निर्माण 31 मार्च 2018 तक तथा शेष 70 लाख शौचालयों का निर्माण अक्टूबर 2018 तक कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे उत्तर प्रदेश को ओडीएफ किये जाने के लिए कृत संकल्प है जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनसहभागिता भी अत्यन्त जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से लक्ष्यों को शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण में लाभार्थी को 1200 रूपये मिलते हैं जिसमें वह अपनी भी पूंजी लगाकर और अच्छा शौचालय निर्माण कर सकता है। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियना से जुडे लोगों से कहा कि सेफ्टी टैंक में कही भी लिकेज न हो, इसकी अभी से सावधानी बरतें। उन्होंने कहा दूषित जल के इस्तेमाल करने से रोग का वायरस फैल सकता है। उन्होंने कहा कि ओडीएफ किये जाने का लक्ष्य बहुत बड़ा है लेकिन उसे हासिल किये जाने हेतु हर संभव प्रयास सरकार कर रही है। उन्होंने इस कार्य में लगे लोगों को बधाई भी दी और कहा कि जिन गांवों को ओडीएफ कर दिया गया है, वहां के लोग शौचालयों हर दिन उपयोग करें इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने लोगों से अपील किया कि अपनी आदतों को सुधारते हुए स्वच्छता अभियान में सरकार का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जो भी रूढिवादी विचारधारायें हैं उनको देश की स्वच्छता के रास्ते में न आने दिया जाय। उन्होंने कहा कि जनउपयोगी कार्यक्रमों में समाज आगे चले और सरकार उसका सहयोगी बन उसकी सहायता करें। ऐसे होने से इन कार्यक्रमों के सफल होने में कोई संदेह नहीं रह जाता है। उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति को बचाने के लिए हर व्यक्ति को सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि नदियों के किनारे उपयोगिता वाले वृक्षों को लगाये जाये जो जलसंरक्षण एव पर्यावरण में अपना सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण में पंचवटी, नक्षत्र वाटिका आदि तरह के उपवन स्थापित किये जायं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्द्धकुम्भ मेले को विश्व के सामने एक अनुपम एवं मनोहर कार्यक्रम के रूप में रखना है। उन्होंने कहा कि अर्द्धकुम्भ की चल रही तैयारियों का रिहर्सल आगामी माघ मेले में दिखायी देगा। उन्होंने कहा कि मेला में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार कोई समस्या न हो यह हमारी सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति के अनुरूप कार्य करते हुए अतिथि देवो भवरू के सिद्धान्त का अनुसरण हर प्रयागवासी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 लाख लोगों को ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत आवास दिये जा रहे हैं जिसमें पात्र परिवार को एक लाख बीस हजार एवं बारह हजार रूपये शौचालय के लिए मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में 24 लाख आवासों का निर्माण किया जा रहा है जिसमें पारदर्शिता प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित की जाय. उन्होंने कहा कि इसी तरह शहरी क्षेत्र में दो लाख आवास दिये जाने का लक्ष्य है जिसमे पात्र परिवार को दो लाख पचास हजार रूपये एवं आठ हजार रूपये शौचालय के लिए भी अनुदान दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का लाभ हर एक लाभार्थी तक पहुँचाया जाय। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लक्ष्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूर्ण भी किया जाय। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकास के कार्यो को गति दिये जाने कार्य प्रदेश की सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यक्रम के तहत शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से कहा कि इस स्वच्छता के कार्यक्रमों में अपने आप जोड़कर इन कार्यक्रमों को सफल बनाने में सहयोग दे। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन जरूरी नही जितना आज घर में शौचालय का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सफाई नही कर सकते है तो कम से कम हम गंदगी न फैलाये इसका संकल्प ले। उन्होंने कहा कि 2018 के अर्द्धकुम्भ मेले में स्वच्छ एवं निर्मल गंगा की धारा आने वाले श्रद्धालुओं को मिले इसके लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है.। कार्यक्रम के अन्त में स्वच्छता के अभियान में सफल बनाने में सहयोग देने वाले तथा ओडीएफ हो चुके जनपदों के प्रशासनिक अधिकारियों, ग्राम प्रधानो एवं स्वच्छाग्रहियों को चेक एवं अंग वस्त्र प्रदान किया गया। इसी क्रम मंे इलाहाबाद के जिलाधिकारी श्री संजय कुमार को विशेष रूप से सम्मानित करते हुए आईएएस बी0 चन्द्रकला तथा कंचन वर्मा को भी सम्मानित किया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी बिजनौर तथा मिर्जापुर तथा 20 स्वच्छताग्रहियों कोगया।
12 अगस्त 2017 इलाहाबाद। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इलाहाबाद के जनपद के गांवों एवं शहर को ओडीएफ करने तथा स्वच्छता के माध्यम से स्वच्छ राष्ट्र के निर्माण की दिशा में बहुत बड़ी पहल का आगाज हुआ। युनाइटेड कालेज नैनी, इलाहाबाद के विशाल सभागार में आयोजित कार्यक्रम गंगा ग्राम सम्मेलन में उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्री जल संसाधन एवं नदी विकास सुश्री उमा भारती, ग्रामीण विकास एवं शहरी विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, उ.प्र. के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, पंचायत राज मंत्री भूपेन्द्र सिंह के साथ इलाहाबाद के श्यामाचरण गुप्ता के अलावा इलाहाबाद के सभी विधायक एवं गंगा के किनारे के अन्य जनपदों से आये ग्राम प्रधान तथा भारी जनसमूह ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस भव्य कार्यक्रम का शुभारम्भ सुश्री उमाभारती, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या तथा केन्द्रीय मंत्रियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर हुआ।
शुभारम्भ के दौरान सामरोह स्थल पर भारत माता एवं गंगा मइया के जय घोष से गूंज उठा। कार्यक्रम के प्रारम्भ में ही मंच पर उपस्थित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों आदि के साथ उपस्थित समस्त जनसमूह को स्वच्छता की शपथ दिलायी गयी। कार्यक्रम के प्रारम्भ में जनजागरूकता के लिए नुक्कड नाटकों और छोटी फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। जिनको उपस्थित जनसमुदाय ने भाव विभोर होकर तालियों से सराहा। मा. केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा कि गंगा की स्वच्छता और उनके महत्व को सुरक्षित रखने के लिए उनकी सरकार एक नया कानून बनाये जाने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गंगा को देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की विरासत मानकर उनका संरक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर विभाग गंगा के साफ-सफाई के लिए अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने कहा कि किसी भी नदी के प्रवाह को बांध से पूरी तरह बाधित नही किया जा सकता है। उमा भारती ने कहा कि गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने में जलीय जीव जन्तुओं का विशेष योगदान रहता है।
इसीलिए उनकी सरकार द्वारा नदियों एवं विशेष तौर पर गंगा के संरक्षण के लिए एक्वालाइफ का प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा के किनारे गांवों के ओडीएफ किये जाने के साथ-साथ गांव के चैपाल एवं तीर्थो का भी सुन्दरीकरण कर गांव को निर्मल एवं स्वच्छ बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव में स्वच्छता के लिए सामजिक जागरूकता को होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि नदियों के प्रति लोग अपनी जिम्मेदारी का एहसास करें। उन्होंने प्रभावशाली ढंग से कहा कि भारत की संस्कृति में नदी और नारी का संरक्षण एक प्राचीन परंपरा है तथा यह प्रकृति और समाज दोनों की सुरक्षा के क्षेत्र की बहुत बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने गंगा में उनकी समस्त धाराओं के अविरल प्रवाह और गंगा के उत्तर काशी से लेकर गंगा सागर तक के प्रवाह मार्ग को निर्मल बनाये रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला तथा यह कहा कि गंगा के किनारों को उनके पूरे प्रवाह मार्ग में वृक्षारोपण कर तथा स्थान-स्थान पर उनमें गिरने वाले अपशिष्ट को रोककर ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन भारत सरकार के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने किया। उसके उपरान्त करते हुए केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने स्वच्छता की वैचारिक पृष्ठ भूमि पर प्रकाश डाला और यह कहा कि स्वच्छता के इस महान कार्यक्रम में हमारा लक्ष्य गांवों को केवल ओडीएफ करना ही नहीं बल्कि इसके माध्यम से हमे स्वच्छता का एक संस्कार समाज में विकसित करना है जो आगे चलकर समाज की हर गतिविधि में दिखायी देगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों को केवल ओडीएफ नहीं बल्कि ओडीएफ प्लस भी करना है जिसमें गांवों के वातावरण को भी सुन्दर बनाये जाने की योजना है। मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान यूनाइटेड कालेज, नैनी के सभागार में नमामि गंगे कार्यक्रम में आमजन को गंगा जी के साथ जुड़ने का आहवान किया तथा उन्होंने 24 ग्रामों को खुले मे शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने के साथ जनजागरूकता के लिए 35 स्वच्छता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर एसबीएम डैश बोर्ड का शुभारम्भ भी किया, इसमें दिये विषयों पर लोगों से सुझाव आमंत्रित किये जायेंगे और लोगों पुरस्कृत भी किया जायेगा। इसी अवसर पर एक त्रैमासिक सूचना पत्र का एवं इससे संबधित शासनादेशों के संकलन का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री जी ने बल्क एसएमएस के माध्यम से लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 30 लाख लोगों को मंच से एसएमएस भेजने की व्यवस्था का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मा. प्रधानमंत्री जी की पहल पर पूरे देश में स्वच्छता के प्रति हर व्यक्ति जागरूक हो रहा है। उन्होंने कहा कि आम व्यक्ति के मन में स्वच्छता के प्रति यह झुकाव देश स्वच्छता के संकल्प को पूरा करने का एक शुभ संकेत है।
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में 1011 गांवों को ओडीएफ किया गया है तथा उ.प्र. के तीन जनपद बिजनौर, हापुड एवं गाजियाबाद को भी ओडीएफ पूरी तरह से कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 31 दिसम्बर तक 30 जनपदों को ओडीएफ किये जाने का लक्ष्य है मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि पूर्वान्चल में बच्चों की बीमारी इन्सेफेलाइटिस से असमय होने वाली मृत्यु के पीछे गंदगी होना एक महत्वपूर्ण वजह होती है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को स्वच्छता के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार हर समस्या का समाधान लेकर आयी है लेकिन उसके साथ समाज को जागरूक होकर जुड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार निरंतर प्रदेश को प्रगति पथ और आगे बढ़ाये के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ इक्नायवे लाख शौचालय निर्माण होने हैं, जिसके सापेक्ष 43 लाख शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। 78 लाख शौचालयों का निर्माण 31 मार्च 2018 तक तथा शेष 70 लाख शौचालयों का निर्माण अक्टूबर 2018 तक कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे उत्तर प्रदेश को ओडीएफ किये जाने के लिए कृत संकल्प है जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनसहभागिता भी अत्यन्त जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से लक्ष्यों को शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण में लाभार्थी को 1200 रूपये मिलते हैं जिसमें वह अपनी भी पूंजी लगाकर और अच्छा शौचालय निर्माण कर सकता है। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियना से जुडे लोगों से कहा कि सेफ्टी टैंक में कही भी लिकेज न हो, इसकी अभी से सावधानी बरतें। उन्होंने कहा दूषित जल के इस्तेमाल करने से रोग का वायरस फैल सकता है। उन्होंने कहा कि ओडीएफ किये जाने का लक्ष्य बहुत बड़ा है लेकिन उसे हासिल किये जाने हेतु हर संभव प्रयास सरकार कर रही है। उन्होंने इस कार्य में लगे लोगों को बधाई भी दी और कहा कि जिन गांवों को ओडीएफ कर दिया गया है, वहां के लोग शौचालयों हर दिन उपयोग करें इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने लोगों से अपील किया कि अपनी आदतों को सुधारते हुए स्वच्छता अभियान में सरकार का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जो भी रूढिवादी विचारधारायें हैं उनको देश की स्वच्छता के रास्ते में न आने दिया जाय। उन्होंने कहा कि जनउपयोगी कार्यक्रमों में समाज आगे चले और सरकार उसका सहयोगी बन उसकी सहायता करें। ऐसे होने से इन कार्यक्रमों के सफल होने में कोई संदेह नहीं रह जाता है। उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति को बचाने के लिए हर व्यक्ति को सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि नदियों के किनारे उपयोगिता वाले वृक्षों को लगाये जाये जो जलसंरक्षण एव पर्यावरण में अपना सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण में पंचवटी, नक्षत्र वाटिका आदि तरह के उपवन स्थापित किये जायं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्द्धकुम्भ मेले को विश्व के सामने एक अनुपम एवं मनोहर कार्यक्रम के रूप में रखना है। उन्होंने कहा कि अर्द्धकुम्भ की चल रही तैयारियों का रिहर्सल आगामी माघ मेले में दिखायी देगा। उन्होंने कहा कि मेला में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार कोई समस्या न हो यह हमारी सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति के अनुरूप कार्य करते हुए अतिथि देवो भवरू के सिद्धान्त का अनुसरण हर प्रयागवासी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 लाख लोगों को ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत आवास दिये जा रहे हैं जिसमें पात्र परिवार को एक लाख बीस हजार एवं बारह हजार रूपये शौचालय के लिए मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में 24 लाख आवासों का निर्माण किया जा रहा है जिसमें पारदर्शिता प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित की जाय. उन्होंने कहा कि इसी तरह शहरी क्षेत्र में दो लाख आवास दिये जाने का लक्ष्य है जिसमे पात्र परिवार को दो लाख पचास हजार रूपये एवं आठ हजार रूपये शौचालय के लिए भी अनुदान दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का लाभ हर एक लाभार्थी तक पहुँचाया जाय। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लक्ष्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूर्ण भी किया जाय। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकास के कार्यो को गति दिये जाने कार्य प्रदेश की सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यक्रम के तहत शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से कहा कि इस स्वच्छता के कार्यक्रमों में अपने आप जोड़कर इन कार्यक्रमों को सफल बनाने में सहयोग दे। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन जरूरी नही जितना आज घर में शौचालय का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सफाई नही कर सकते है तो कम से कम हम गंदगी न फैलाये इसका संकल्प ले। उन्होंने कहा कि 2018 के अर्द्धकुम्भ मेले में स्वच्छ एवं निर्मल गंगा की धारा आने वाले श्रद्धालुओं को मिले इसके लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है.। कार्यक्रम के अन्त में स्वच्छता के अभियान में सफल बनाने में सहयोग देने वाले तथा ओडीएफ हो चुके जनपदों के प्रशासनिक अधिकारियों, ग्राम प्रधानो एवं स्वच्छाग्रहियों को चेक एवं अंग वस्त्र प्रदान किया गया। इसी क्रम मंे इलाहाबाद के जिलाधिकारी श्री संजय कुमार को विशेष रूप से सम्मानित करते हुए आईएएस बी0 चन्द्रकला तथा कंचन वर्मा को भी सम्मानित किया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी बिजनौर तथा मिर्जापुर तथा 20 स्वच्छताग्रहियों कोगया।






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