दहेज लोभी, बालिका विरोधी हैं फूलपुर भाजपा प्रत्याशी कौशलेंद्र...पूर्व पत्नी रितु सिंह
लखनऊ । फूलपुर लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी कौशलेंद्र सिंह पटेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनकी पूर्व पत्नी रितु सिंह ने उन पर गंभीर आरोप लगाया है। लखनऊ में कौशलेंद्र सिंह की पू्र्व पत्नी व उनके श्वसुर ने भाजपा नेता पर आरोप लगाते हुए कहा कि न वह केवल दहेज लोभी हैं, बल्कि बालिका विरोधी हैं।
कौशलेंद्र की पूर्व पत्नी ने कहा कि मेरा सबसे बड़ा अपराध बेटी पैदा करना था, जबसे मुझे बेटी पैदा हुई कौशलेंद्र मुझे रोज मारते-पीटते थै। हद तो तब हो गई जब इन्होंने दहेज की भी रोज-रोज मांग करनी शुरू कर दी। थक हारकर जब इस मामले में उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया तो न्याय मिलना तो दूर इन्होंने अपनी राजनीतिक कद-काठी का लाभ उठाते हुए मुझे जबरन तलाक दे दिया। कौशलेंद्र की पूर्व पत्नी रितु सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूछा है कि प्रधानमंत्री जी आप तो बालिकाओं के संरक्षण और उनके आगे बढ़ने की बात करते हैं तो फिर ऐसे में दहेज लोभी और बालिका विरोधी व्यक्ति को टिकट कैसे दे दिया। रितु सिंह के इस बयान के बाद भाजपा मुख्यालय में हड़कंप मच गया है। पार्टी पदाधिकारियों को नहीं सूझ रहा है कि आखिर वह इसका क्या जवाब दें।
रितु सिंह का आरोप है कि जब मुझे बेटी पैदा हुई और उसके बाद तबीयत खराब होने लगी तो पति कौशलेंद्र उन्हें परेशान करने और मारने पीटने लगे। इससे तंग आकर मैं पापा के घर बेटी को लेकर चली आई। कुछ दिनों बाद उन्होंने बिना हालचाल लिए और बिना बताए दूसरी शादी कर ली और फिर बाद में मुझे तलाक दे दिया। वह भी बिना उनकी जानकारी के और बिना उनके हस्ताक्षर के। मेरी बेटी दो साल की थी जब उन्होंने मुझे छोड़ दिय
रितु सिंह का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो स्त्री सम्मान और बेटियों को पढ़ाने और बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन उनकी पार्टी के यह नेता क्या कर रहे हैं। कौशलेंद्र सिंह पटेल भले ही सफाई देते हों कि हमारा कानूनी रूप से तलाक हुआ है, लेकिन सवाल तो उससे बड़ा है कि क्या किसी स्त्री को मारना पीटना और उसकी मर्जी के बिना तलाक देना और हाईकोर्ट की दहलीज तक भरण-पोषण के लिए घसीटने वाले पार्टी के लिए इतना महत्वपूर्ण हो गए कि बनारस से उठा कर फूलपुर में चुनाव लड़ाना पड़ा।
इलाहबाद में विरोध की चिंगारी को खुद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यह कह कर हवा दे दी है कि जब नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी, राहुल और वरुण कहीं और से चुनाव लड़ सकते हैं तो कौशलेंद्र क्यों नहीं? अब सवाल यह है कि क्या कौशलेंद्र सिंह नरेंद्र मोदी की बराबरी के नेता हैं जिन्हें कहीं से भी लड़ाया जा सकता है, जबकि उनकी पिछली जिंदगी में एक स्त्री को सताने का दाग लगा हुआ है।
पीएम मोदी से की अपील
रितू सिंह का आरोप है कि उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से अपील है कि ऐसे भ्रष्ट और गलत लोगों को पार्टी में न रखें जो बेटी और पत्नी का सम्मान करना नहीं जानते। कहती हैं कि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का अपमान किया गया है। वह कहती हैं कि क्या मुझे अपनी बेटी को कोख में ही मर देना चाहिए था।
बताती हैं कि बेटी की पढ़ाई लिखाई का खर्च पिता विमल नयन की पेंशन से होता है। कहती हैं लोअर कोर्ट में जबरजस्ती तलाक मिलने के बाद हम हाईकोर्ट गए तो वहां हमें बिना इच्छा के 15 लाख रुपये गुजारा भत्ता के रुप मे दिये गए। केस अभी भी दहेज उत्पीड़न का और तलाक से पहले ही दूसरी शादी करने का।मुकदमा विचाराधीन है।
रितु के पिता विमल नयन ने बताई पूरी सच्चाई
कौशलेंद्र की पहली पत्नी रितु सिंह के पिता विमल नयन सिंह का आरोप है कि बेटी रितु सिंह का विवाह कौशलेन्द्र के साथ 26 जनवरी 1999 को हुआ था। इसके करीब साल भर बाद बेटी ने पुत्री को जन्म दिया और उसके बाद से कौशलेन्द्र रितु को मारने पीटने लगे। बेटी का स्वास्थ्य खराब था।
3 साल तक उत्पीड़न करते रहे और बेटी चुप रही। इस बीच कई बार पंचायत हुई। बेटी को 18 जनवरी 2004 को डंडों से पीटा और जान से मारने की कोशिश करने लगे तब वह भागकर मेरे घर आ गई। हमनें 19 मार्च 2003 को बेटी को डॉक्टर को दिखाया और एक्सरे आदि कराए और फिर 21 मार्च 2003 को भेलूपुर थाना में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया।
इसके बाद कौशलेंद्र ने दूसरी शादी बिना हम लोगों को जानकारी दिये नीलम सिंह से 25 मई 2003 को कर लिया। जब इसकी जानकारी हम लोगों को हुई तो हमनें न्यायालय श्रीमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पुनः विवाह का केस 15 जून 2003 को दाखिल कर दिया।
इसके बाद न्यायालय में लोगों को पैसा आदि देकर बेटी के फर्जी हस्ताक्षर कर तलाक करा दिया, जिसे बाद में हमने हाईकोर्ट में चुनौती दी और वहां से हमे गुजारा भत्ता के रूप में 15 लाख रुपये दिए गए और केस अभी विचाराधीन है। हमें न्याय की उम्मीद है कि फर्जी तरह से तलाक दिया गया और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दबाया जा रहा है।
भाजपा प्रत्याशी कौशलेन्द्र सिंह पटेल की सफाई
फूलपुर से भाजपा प्रत्याशी कौशलेन्द्र सिंह पटेल ने दहेज उत्पीड़न पर कहा कि वह फर्जी केस दर्ज कराया गया था औऱ हमने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए तलाक दिया है। पत्नी के फर्जी तलाक के आरोप और मारने पीटने से लेकर तलाक देने की नौबत क्यों आयी जैसे सवालों पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। यह भी नहीं बताया कि दूसरी शादी के बाद तलाक की प्रक्रिया क्यों शुरू हुई औऱ बिना फैसला आये शादी क्यों कर ली?
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनीश शुक्ला ने इस पूरे मामले में कुछ भी जानकारी होने से इंकार कर दिया। शुक्ला ने कहा कि पार्टी को उनके खिलाफ इस प्रकार का मामला संज्ञान में नहीं है। यह उनका व्यक्तिगत मामला है। हालांकि मनीश शुक्ला से जब पूछा गया कि भाजपा नारी सम्मान और बेटी बचाओ की बात करती है और ऐसे व्यक्ति को लोकसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार बनाती है। इसपर कुछ भी टिप्पणी करने से वह बचते रहे।
कौशलेंद्र की पूर्व पत्नी ने कहा कि मेरा सबसे बड़ा अपराध बेटी पैदा करना था, जबसे मुझे बेटी पैदा हुई कौशलेंद्र मुझे रोज मारते-पीटते थै। हद तो तब हो गई जब इन्होंने दहेज की भी रोज-रोज मांग करनी शुरू कर दी। थक हारकर जब इस मामले में उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया तो न्याय मिलना तो दूर इन्होंने अपनी राजनीतिक कद-काठी का लाभ उठाते हुए मुझे जबरन तलाक दे दिया। कौशलेंद्र की पूर्व पत्नी रितु सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूछा है कि प्रधानमंत्री जी आप तो बालिकाओं के संरक्षण और उनके आगे बढ़ने की बात करते हैं तो फिर ऐसे में दहेज लोभी और बालिका विरोधी व्यक्ति को टिकट कैसे दे दिया। रितु सिंह के इस बयान के बाद भाजपा मुख्यालय में हड़कंप मच गया है। पार्टी पदाधिकारियों को नहीं सूझ रहा है कि आखिर वह इसका क्या जवाब दें।
रितु सिंह का आरोप है कि जब मुझे बेटी पैदा हुई और उसके बाद तबीयत खराब होने लगी तो पति कौशलेंद्र उन्हें परेशान करने और मारने पीटने लगे। इससे तंग आकर मैं पापा के घर बेटी को लेकर चली आई। कुछ दिनों बाद उन्होंने बिना हालचाल लिए और बिना बताए दूसरी शादी कर ली और फिर बाद में मुझे तलाक दे दिया। वह भी बिना उनकी जानकारी के और बिना उनके हस्ताक्षर के। मेरी बेटी दो साल की थी जब उन्होंने मुझे छोड़ दिय
रितु सिंह का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो स्त्री सम्मान और बेटियों को पढ़ाने और बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन उनकी पार्टी के यह नेता क्या कर रहे हैं। कौशलेंद्र सिंह पटेल भले ही सफाई देते हों कि हमारा कानूनी रूप से तलाक हुआ है, लेकिन सवाल तो उससे बड़ा है कि क्या किसी स्त्री को मारना पीटना और उसकी मर्जी के बिना तलाक देना और हाईकोर्ट की दहलीज तक भरण-पोषण के लिए घसीटने वाले पार्टी के लिए इतना महत्वपूर्ण हो गए कि बनारस से उठा कर फूलपुर में चुनाव लड़ाना पड़ा।
इलाहबाद में विरोध की चिंगारी को खुद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यह कह कर हवा दे दी है कि जब नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी, राहुल और वरुण कहीं और से चुनाव लड़ सकते हैं तो कौशलेंद्र क्यों नहीं? अब सवाल यह है कि क्या कौशलेंद्र सिंह नरेंद्र मोदी की बराबरी के नेता हैं जिन्हें कहीं से भी लड़ाया जा सकता है, जबकि उनकी पिछली जिंदगी में एक स्त्री को सताने का दाग लगा हुआ है।
पीएम मोदी से की अपील
रितू सिंह का आरोप है कि उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से अपील है कि ऐसे भ्रष्ट और गलत लोगों को पार्टी में न रखें जो बेटी और पत्नी का सम्मान करना नहीं जानते। कहती हैं कि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का अपमान किया गया है। वह कहती हैं कि क्या मुझे अपनी बेटी को कोख में ही मर देना चाहिए था।
बताती हैं कि बेटी की पढ़ाई लिखाई का खर्च पिता विमल नयन की पेंशन से होता है। कहती हैं लोअर कोर्ट में जबरजस्ती तलाक मिलने के बाद हम हाईकोर्ट गए तो वहां हमें बिना इच्छा के 15 लाख रुपये गुजारा भत्ता के रुप मे दिये गए। केस अभी भी दहेज उत्पीड़न का और तलाक से पहले ही दूसरी शादी करने का।मुकदमा विचाराधीन है।
रितु के पिता विमल नयन ने बताई पूरी सच्चाई
कौशलेंद्र की पहली पत्नी रितु सिंह के पिता विमल नयन सिंह का आरोप है कि बेटी रितु सिंह का विवाह कौशलेन्द्र के साथ 26 जनवरी 1999 को हुआ था। इसके करीब साल भर बाद बेटी ने पुत्री को जन्म दिया और उसके बाद से कौशलेन्द्र रितु को मारने पीटने लगे। बेटी का स्वास्थ्य खराब था।
3 साल तक उत्पीड़न करते रहे और बेटी चुप रही। इस बीच कई बार पंचायत हुई। बेटी को 18 जनवरी 2004 को डंडों से पीटा और जान से मारने की कोशिश करने लगे तब वह भागकर मेरे घर आ गई। हमनें 19 मार्च 2003 को बेटी को डॉक्टर को दिखाया और एक्सरे आदि कराए और फिर 21 मार्च 2003 को भेलूपुर थाना में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया।
इसके बाद कौशलेंद्र ने दूसरी शादी बिना हम लोगों को जानकारी दिये नीलम सिंह से 25 मई 2003 को कर लिया। जब इसकी जानकारी हम लोगों को हुई तो हमनें न्यायालय श्रीमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पुनः विवाह का केस 15 जून 2003 को दाखिल कर दिया।
इसके बाद न्यायालय में लोगों को पैसा आदि देकर बेटी के फर्जी हस्ताक्षर कर तलाक करा दिया, जिसे बाद में हमने हाईकोर्ट में चुनौती दी और वहां से हमे गुजारा भत्ता के रूप में 15 लाख रुपये दिए गए और केस अभी विचाराधीन है। हमें न्याय की उम्मीद है कि फर्जी तरह से तलाक दिया गया और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दबाया जा रहा है।
भाजपा प्रत्याशी कौशलेन्द्र सिंह पटेल की सफाई
फूलपुर से भाजपा प्रत्याशी कौशलेन्द्र सिंह पटेल ने दहेज उत्पीड़न पर कहा कि वह फर्जी केस दर्ज कराया गया था औऱ हमने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए तलाक दिया है। पत्नी के फर्जी तलाक के आरोप और मारने पीटने से लेकर तलाक देने की नौबत क्यों आयी जैसे सवालों पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। यह भी नहीं बताया कि दूसरी शादी के बाद तलाक की प्रक्रिया क्यों शुरू हुई औऱ बिना फैसला आये शादी क्यों कर ली?
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनीश शुक्ला ने इस पूरे मामले में कुछ भी जानकारी होने से इंकार कर दिया। शुक्ला ने कहा कि पार्टी को उनके खिलाफ इस प्रकार का मामला संज्ञान में नहीं है। यह उनका व्यक्तिगत मामला है। हालांकि मनीश शुक्ला से जब पूछा गया कि भाजपा नारी सम्मान और बेटी बचाओ की बात करती है और ऐसे व्यक्ति को लोकसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार बनाती है। इसपर कुछ भी टिप्पणी करने से वह बचते रहे।


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