मायावती नाराज, अब सपा को उपचुनावों में समर्थन नहीं देंगी
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है और अब बसपा मुखिया मायावती ने कहा है कि कैराना संसदीय सीट और नूरपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में उनकी पार्टी सपा सहित किसी भी पार्टी को समर्थन नहीं देगी। दरअसल राज्यसभा चुनावों में बसपा उम्मीदवार की हार को अभी तक मायावती पचा नहीं पा रही हैं। ऊपर से उन्होंने भले यह कह दिया हो कि भाजपा की साजिश से सपा और बसपा का गठबंधन कमजोर नहीं होगा लेकिन अपने उम्मीदवार की हार को लेकर वह गंभीर हैं। मायावती कह चुकी हैं कि अखिलेश यादव ने राजनीतिक रूप से समझदारी नहीं दिखाई और अगर उनकी जगह वह होतीं तो अपने पार्टी उम्मीदवार की बजाय बसपा उम्मीदवार को जितातीं।

मायावती इस बात से भी खफा हैं कि अखिलेश ने बसपा उम्मीदवार को जिताने के लिए निर्दलीय राजा भैया पर यकीन किया जबकि उन्होंने बसपा उम्मीदावर को वोट नहीं दिया। इसके अलावा मायावती ने अखिलेश से सपा के 10 प्रतिबद्ध विधायकों के वोट मांगे थे लेकिन मिले सिर्फ सात ही। इसके अलावा रालोद के एक विधायक का वोट भी बसपा को देने का वादा किया गया था लेकिन वह वोट 'जानबूझकर' ऐसे डाला गया कि रद्द हो जाये और इसका फायदा भाजपा को मिल जाये।
कैराना से रालोद नेता जयंत चौधरी के चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना है। मायावती को यह चिंता सता रही है कि यदि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कैराना सीट पर सपा को समर्थन दिया गया तो मुस्लिम वोटर नाराज हो सकते हैं और रालोद को वह फिलहाल किसी प्रकार की मदद देना ही नहीं चाहती। साथ ही मायावती की रणनीति यह भी है कि लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन को लेकर अपना कड़ा रुख बनाये रखना होगा ताकि सीटों के बंटवारे के दौरान ज्यादा सीटें हासिल की जा सकें।


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