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नीति आयोग : 16 अरब डॉलर के वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे का किया स्वागत

नई दिल्ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि 16 अरब अमेरिकी डॉलर (1.05 लाख करोड़ रुपये ) का वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे का भारत में विदेशी निवेश पर अच्छा असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह सौदा भारत के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) मानदंडों के अनुरूप है। वॉलमार्ट कार्पोरेशन ने कल फ्लिपकार्ट में 77 प्रतिशत हिस्सेदारी के अधिग्रहण की घोषणा की जो ई-कामर्स जगत का सबसे बड़ा सौदा है। इससे वैश्विक स्तर पर खुदरा स्टोर चालाने वाली वालमार्ट कंपनी को भारत के तेजी से उभर रहे आनलाईन खुदरा बाजार में पहुंच प्रदान करेगा, जो एक दशक के भीतर 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

भारतीय बाजार में उसका मुकाबला एक अन्य प्रमुख कंपनी अमेजन से होगा। कुमार ने कहा कि इसका बहुत सकारात्मक प्रभाव होगा। यह सौदा देश के एफडीआई मानदंड के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि वॉलमार्ट प्रमुख वैश्विक कंपनी हैं और जो भारत में छोटे व्यवसायों को सस्ती लागत पर माल तैयार करने में मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि यह सौदा देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

यह टिप्पणी इस मायने में महत्वपूर्ण है कि सौदे की घोषणा के तुरंत बाद आरएसएस-संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच ने आरोप लगाया कि वॉलमार्ट भारतीय बाजार में ‘पिछले दरवाजे से प्रवेश’ के लिए यहां के नियमों को चकमा दे रही है। मंच ने राष्ट्रीय हित की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। स्वदेशी जागरण मंच के सह संयोजक अश्विनी महाजन ने प्रधान मंत्री को लिखे एक पत्र में कहा कि इससे छोटे-मझोले उद्यमों और छोटी दुकानों के मुश्किलें और बढ़ेगी तथा नौकरियों के अधिक अवसर पैदा करने की संभावनाएं खत्म होंगी।

इससे पहले, आज ही वॉलमार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डक मैकमिलन ने दुनिया इस सौदे की घोषणा के बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी या किसी वरिष्ठ मंत्री से नहीं मिल पाने की बात को अधिक महत्व नहीं देते हुए कहा कि वह यहां अधिकारियों से पहले मिल चुके हैं और भविष्य में भी उनसे मुलकात होगी। प्रधान मंत्री नीति आयोग के अध्यक्ष हैं।

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