P.M.House योजना में भ्रष्टाचार की नींव, आवास, शौचालय निर्माण में घोटाला ही घोटाला, बहरइच में कागज पर 200 आवास, बाराबंकी में भी होगी जांच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीबों को पक्का छत मुहैया कराने की पीएम आवसीय योजना बहराइच में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। अधिकारी से लेकर सचिव और ग्राम प्रधान तक आवास की रकम को हड़पने की साजिश में शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में 41421 प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें सत्र समाप्त होने के बाद भी 2643 आवास अपूर्ण हैं। इन आवासों की दूसरी किश्त भी जारी हो चुकी है। बावजूद निर्माण न होने पर जांच कराई गई। जांच के दौरान 14 ब्लॉकों में 200 से अधिक ऐसे लाभार्थी पाए गए, जिन्हें दूसरी किश्त का 70 हजार रुपये मिल चुके हैं, लेकिन इस रकम वे हजम कर गए। आवास के दूसरे किश्त का लगभग 1.14 करोड़ रुपये लाभार्थियों के डकारने की पुष्टि अधिकारी भी कर रहे हैं।
हालात यह किआ सूबे के अधिकांश जनपद में आवास योजना जाँच के दये में आ चुके हैं।
पीएम आवास या शौचालय निर्माण घोटाला ही घोटाला, बहरइच में कागज पर 200 आवास
परवेज़ आलम
प्रातःकाल संवाददाता
लखनऊ । प्रधानमंत्री आवास योजना की बात हो या शौचालय निर्माण की रकम हड़पने में कोई पीछे नहीं है। बाराबंकी में शौचालय निर्माण में घोटाले को लेकर जिला स्तरीय 60 टीमें गठित की गईं हैं। अधिकारी शौचालय निर्माण की जांच करेंगे और कैंपकर शौचालय निर्माण करवाएंगे। बहराइच में प्रधानमंत्री आवास योजना का हाल खराब है। यहां के 14 ब्लॉकों में 200 से अधिक लाभार्थियों के आवास की दूसरी किश्त आने के बाद भी नहीं बन सके। 1.14 करोड़ रुपए पानी में गए।
बहराइच में नहीं बने 200 पीएम आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना की रकम हड़पने में कोई पीछे नहीं रहे। जांच में खुलासे ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। जिले के सभी 14 ब्लॉकों में 200 से अधिक लाभार्थी आवास की दूसरी किश्त का 1.14 करोड़ रुपए डकार गए है। जांच में इन लाभार्थियों के आवास अधूरे हैं। ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही इन पर सरकारी धन हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। हड़पी गई धनराशि की रिकवरी भी कराई जाएगी। हालांकि लाभार्थी यही बताते हैं कि पहली किस्त आने के लिए कुछ धन अपने पास से देना पड़ता है, इसलिए दूसरी किस्त आने पर मकान बनाने के लिए पैसा पूरा नहीं पड़ता। यहीं हाल इस जिले में शौचालय निर्माण योजना का है।
लाभार्थियों को भेजी जाएगी नोटिस
जांच में हुए खुलासे के बाद हरकत में आए जिम्मेदार इन सरकारी धन हड़पने वाले लाभार्थियों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे किसी भी प्रकार की जवाबदेही से बचा जा सके। साथ ही धन खर्च कर लेने की वजह भी सामने आ सके। इसके बाद इन पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पीएम आवास योजना के तहत प्रति आवास 1.20 लाख रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। यह धन लाभार्थी को तीन किश्तों में भुगतान करने का प्रावधान किया गया है। पहली किश्त 40 हजार रुपये है। नींव तक कार्य होने पर दूसरी किश्त का 70 हजार रुपए सीधे लाभार्थी के खाते में भेजा जाता है। इसके बाद 10 हजार की अंतिम किश्त आवास पूर्ण होने की दशा में दिया जाता है। किश्तवार बजट आवांटन क्षेत्रीय ग्राम सचिव की रिपोर्ट पर भी रिलीज होता है। ऐसे में दूसरी किश्त की रकम के गोलमाल में सचिव की भी लापरवाही सामने आ रही है।
लाभार्थियों ने दूसरी किश्त हड़पी
डीआरडीए बहराइच पीडी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 14 ब्लॉकों में लगभग 200 लाभार्थी चिह्नित किए गए हैं। जिन्होंने आवास की दूसरी किश्त की रकम को हजम कर लिया है। इन पर केस दर्ज कराने के साथ वसूली को लेकर जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी। वैसे तो शुरूआती जांच में 14 ब्लॉकों में पीएम आवास की दूसरी किश्त को लाभार्थियों ने हड़पने का काम किया है, लेकिन मिहीपुरवा, बलहा, नवाबगंज, महसी ब्लॉक में सबसे अधिक लाभार्थियों ने आवास के धन को दूसरे काम में खर्च कर लिया है। इनमें बलई गांव, घुमना भारी, करमोहना, चौधरी गांव, ताजपुर, बलहा, नानपारा देहात, दलजीतपुर, बलसिंहपुरवा गांव मुख्य रूप से शामिल हैं।
बाराबंकी में शौचालय निर्माण की जांच
बाराबंकी में शौचालय निर्माण में घोटाले को लेकर 60 टीमें गठित की गई हैं। अधिकारी शौचालय निर्माण की जांच करेंगे और गांव में कैंपकर निर्माण करवाएंगे। शौचालय निर्माण में अनियमितता की अब सारी परतें खुलेंगी। जिलाधिकारी ने गुणवत्ता जांच कराए जाने का आदेश दे दिया है। जिस पर सीडीओ ने जांच के लिए पहले से नामित नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। जिले में बेसलाइन सर्वे हुआ तो उसमें चार लाख 64 हजार घरों में शौचालय नहीं पाया गया। जिले में एक लाख 70 हजार 427 शौचालय निर्माण बाकी है। जिसे दो अक्टूबर 2018 तक पूरा करना है। हुए शौचालय निर्माण में जमकर अनियमितता बरती गई। ठेकेदारों की खूब धांधली बरती। जिससे शौचालय मानक विहीन बनाए गए हैं। गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि शौचालय निर्माण मानक के अनुरूप हो। जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी ने शौचालय निर्माण की जांच के लिए टीम गठन का निर्देश दे दिया।
हालात यह किआ सूबे के अधिकांश जनपद में आवास योजना जाँच के दये में आ चुके हैं।
पीएम आवास या शौचालय निर्माण घोटाला ही घोटाला, बहरइच में कागज पर 200 आवास
परवेज़ आलम
प्रातःकाल संवाददाता
लखनऊ । प्रधानमंत्री आवास योजना की बात हो या शौचालय निर्माण की रकम हड़पने में कोई पीछे नहीं है। बाराबंकी में शौचालय निर्माण में घोटाले को लेकर जिला स्तरीय 60 टीमें गठित की गईं हैं। अधिकारी शौचालय निर्माण की जांच करेंगे और कैंपकर शौचालय निर्माण करवाएंगे। बहराइच में प्रधानमंत्री आवास योजना का हाल खराब है। यहां के 14 ब्लॉकों में 200 से अधिक लाभार्थियों के आवास की दूसरी किश्त आने के बाद भी नहीं बन सके। 1.14 करोड़ रुपए पानी में गए।
बहराइच में नहीं बने 200 पीएम आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना की रकम हड़पने में कोई पीछे नहीं रहे। जांच में खुलासे ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। जिले के सभी 14 ब्लॉकों में 200 से अधिक लाभार्थी आवास की दूसरी किश्त का 1.14 करोड़ रुपए डकार गए है। जांच में इन लाभार्थियों के आवास अधूरे हैं। ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही इन पर सरकारी धन हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। हड़पी गई धनराशि की रिकवरी भी कराई जाएगी। हालांकि लाभार्थी यही बताते हैं कि पहली किस्त आने के लिए कुछ धन अपने पास से देना पड़ता है, इसलिए दूसरी किस्त आने पर मकान बनाने के लिए पैसा पूरा नहीं पड़ता। यहीं हाल इस जिले में शौचालय निर्माण योजना का है।
लाभार्थियों को भेजी जाएगी नोटिस
जांच में हुए खुलासे के बाद हरकत में आए जिम्मेदार इन सरकारी धन हड़पने वाले लाभार्थियों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे किसी भी प्रकार की जवाबदेही से बचा जा सके। साथ ही धन खर्च कर लेने की वजह भी सामने आ सके। इसके बाद इन पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पीएम आवास योजना के तहत प्रति आवास 1.20 लाख रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। यह धन लाभार्थी को तीन किश्तों में भुगतान करने का प्रावधान किया गया है। पहली किश्त 40 हजार रुपये है। नींव तक कार्य होने पर दूसरी किश्त का 70 हजार रुपए सीधे लाभार्थी के खाते में भेजा जाता है। इसके बाद 10 हजार की अंतिम किश्त आवास पूर्ण होने की दशा में दिया जाता है। किश्तवार बजट आवांटन क्षेत्रीय ग्राम सचिव की रिपोर्ट पर भी रिलीज होता है। ऐसे में दूसरी किश्त की रकम के गोलमाल में सचिव की भी लापरवाही सामने आ रही है।
लाभार्थियों ने दूसरी किश्त हड़पी
डीआरडीए बहराइच पीडी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 14 ब्लॉकों में लगभग 200 लाभार्थी चिह्नित किए गए हैं। जिन्होंने आवास की दूसरी किश्त की रकम को हजम कर लिया है। इन पर केस दर्ज कराने के साथ वसूली को लेकर जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी। वैसे तो शुरूआती जांच में 14 ब्लॉकों में पीएम आवास की दूसरी किश्त को लाभार्थियों ने हड़पने का काम किया है, लेकिन मिहीपुरवा, बलहा, नवाबगंज, महसी ब्लॉक में सबसे अधिक लाभार्थियों ने आवास के धन को दूसरे काम में खर्च कर लिया है। इनमें बलई गांव, घुमना भारी, करमोहना, चौधरी गांव, ताजपुर, बलहा, नानपारा देहात, दलजीतपुर, बलसिंहपुरवा गांव मुख्य रूप से शामिल हैं।
बाराबंकी में शौचालय निर्माण की जांच
बाराबंकी में शौचालय निर्माण में घोटाले को लेकर 60 टीमें गठित की गई हैं। अधिकारी शौचालय निर्माण की जांच करेंगे और गांव में कैंपकर निर्माण करवाएंगे। शौचालय निर्माण में अनियमितता की अब सारी परतें खुलेंगी। जिलाधिकारी ने गुणवत्ता जांच कराए जाने का आदेश दे दिया है। जिस पर सीडीओ ने जांच के लिए पहले से नामित नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। जिले में बेसलाइन सर्वे हुआ तो उसमें चार लाख 64 हजार घरों में शौचालय नहीं पाया गया। जिले में एक लाख 70 हजार 427 शौचालय निर्माण बाकी है। जिसे दो अक्टूबर 2018 तक पूरा करना है। हुए शौचालय निर्माण में जमकर अनियमितता बरती गई। ठेकेदारों की खूब धांधली बरती। जिससे शौचालय मानक विहीन बनाए गए हैं। गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि शौचालय निर्माण मानक के अनुरूप हो। जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी ने शौचालय निर्माण की जांच के लिए टीम गठन का निर्देश दे दिया।


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