देखिए कुभ मेला की झलकियां: संतों और नागा साधुओं के स्नान की विभिन्न मुद्रा में खास तस्वीर
प्रातःकाल संवाददाता: कुभ मेले में आये हुए तमाम श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों और अखाडों एक्सक्लूसिब तस्वीरे प्रातःकाल एक्सप्रेसस टीम द्वारा आप को दिखाई जा रही है।
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| मकर संक्रांति पर तिल का षटतिला दान फलदायी है। वहीं तिल का विभिन्न रूप में सेवन करना शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है। तीर्थ पुरोहितों, ज्योतिषियों और आयुर्वेदचार्य इन तथ्यों को अपने-अपने तरीके से प्रमाणित करते हैं। |

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| शाही स्नान के लिए संन्यासी के अखाड़े निकल चुके हैं। पहले स्नान के लिए महानिर्वाणी अखाड़े के संत, अचार्य और महामंडलेश्वर शाही अंदाज में रथों पर विराजमान होकर संगम तट की ओर बढ़ रहे हैं। इनके साथ चल रहा नागा साधुओं का कारवां लोगों की आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। |
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| प्रयागराज में आज से कुंभ स्नान शुरु हो गया है। संगम तट पर श्रद्धालुओं की जमकर भीड़ लगी हुई है। स्नान के दौरान श्रद्धालुओं ने गंगा मइया के जयकारे लगाएं। स्नान केलिए आमजनों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। इधर जूना अखाड़ा शाही अंदाज में संगम तट पहुंचें। |

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| श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा और तोपोनिधि श्री पंचायती आनंद अखाड़े के संतों का स्नान पूरा हो चुका है। |
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| शाही स्नान के लिए सबसे बड़ा अखाड़ा श्री पंच दशनाम जूना के साथ अग्नि अखाड़ा और अवाहान अखाड़े के संत संगम तट पर पहुंचने वाले हैं। |
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| श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के बाद अटल अखाड़े के संतों ने शाही स्नान किया |
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| मकर संक्रांति पर मंगलवार को पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी ने सबसे पहले डुबकी लगाई। परंपरा के मुताबिक सबसे पहले अखाड़े के भालादेव ने स्नान किया। उसके बाद नागा साधुओं ने फिर आचार्य महामंडलेश्वर और साधु-संतों ने स्नान किया। |



















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