प्राथमिक विद्यालय करेली में "बाल उत्पीड़न" पर कार्यशाला आयोजित
प्रयागराज। अल कौसर सोसाइटी द्वारा प्राथमिक विद्यालय करेली नयापुरा में सामाज में बच्चों के साथ बढ़ रहे अपराध को दिखते हुए विद्यालय में गुड टच-बैड टच व "बाल उत्पीड़न" जैसे अति संवेदनशील विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बच्चों और उनके माता पिता को गुड टच-बैड टच व चाइल्ड एब्यूज़ के बारे में जागरूक किया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी श्रीमती ज्योति शुक्ला ने बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति चाहे वह परिचित हो या अपरिचित वह उनके प्राइवेट पार्ट को टच करता है तो वह उसकी इस हरक़त का विरोध करें और यह बात अपने बड़ों को बताएं।संस्था की अध्यक्ष नाज़िया नफीस ने कहा की बढ़ती असामाजिकता भी कहीं न कहीं जिम्मेदार है इन सबके लिए। आज हमारे बच्चे अपने घरों में सुरक्षित नहीं,अगर हम बाल शोषण की घटनाओं को देखेंगे तो तीस से चालीस प्रतिशत घटनाओं में बच्चे के परिचित व्यक्ति ने ही बच्चे का शोषण किया होता है।
नाज़िया ने बच्चों के अभिभावकों से अनुरोध किया कि अगर उनका बच्चा या बच्ची किसी की शिकायत करते हैं तो आप अपने बच्चों की बात सुनें।विद्यालय की सहायक अध्यापिका सबीहा फारूकी ने बच्चों से कहा कि किसी भी अंजान व्यक्ति पर बिल्कुल भी विश्वास न करें कोई भी अंजान व्यक्ति से कोई भी सामान न ले और न ही उनके साथ कही भी जाएं उन्होंने किस्से कहानियों के माध्यम से बच्चों को बाल शोषण व गुड टच - बैड टच के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में यासमीन,आसिफ़, विद्यालय की अध्यापिकाओं ,सहायिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम में बच्चों और उनके माता पिता को गुड टच-बैड टच व चाइल्ड एब्यूज़ के बारे में जागरूक किया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी श्रीमती ज्योति शुक्ला ने बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति चाहे वह परिचित हो या अपरिचित वह उनके प्राइवेट पार्ट को टच करता है तो वह उसकी इस हरक़त का विरोध करें और यह बात अपने बड़ों को बताएं।संस्था की अध्यक्ष नाज़िया नफीस ने कहा की बढ़ती असामाजिकता भी कहीं न कहीं जिम्मेदार है इन सबके लिए। आज हमारे बच्चे अपने घरों में सुरक्षित नहीं,अगर हम बाल शोषण की घटनाओं को देखेंगे तो तीस से चालीस प्रतिशत घटनाओं में बच्चे के परिचित व्यक्ति ने ही बच्चे का शोषण किया होता है।
नाज़िया ने बच्चों के अभिभावकों से अनुरोध किया कि अगर उनका बच्चा या बच्ची किसी की शिकायत करते हैं तो आप अपने बच्चों की बात सुनें।विद्यालय की सहायक अध्यापिका सबीहा फारूकी ने बच्चों से कहा कि किसी भी अंजान व्यक्ति पर बिल्कुल भी विश्वास न करें कोई भी अंजान व्यक्ति से कोई भी सामान न ले और न ही उनके साथ कही भी जाएं उन्होंने किस्से कहानियों के माध्यम से बच्चों को बाल शोषण व गुड टच - बैड टच के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में यासमीन,आसिफ़, विद्यालय की अध्यापिकाओं ,सहायिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



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