यूपी बिहार बॉर्डर का निरीक्षण करने पहुंचे कमिश्नर व आईजी
बिभव गुप्ता
सैयदराजा। कई दिनों से लगतार लग रहे जाम की सूचना पर वाराणसी कमिश्नर दीपक अग्रवाल, वाराणसी आईजी विजय सिंह मीणा, जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल व पुलिस अधीक्षक हेमन्त कुटीयाल यूपी बिहार बॉर्डर का निरीक्षण करने शनिवार की दोपहर 12 बजे पहुंचे, लेकिन जाम के चलते अधिकारीयों की गाड़ी बिहार सीमा के पहले पुराने टूटे हुए पुल के पास सभी अधिकारियो ने गाड़ी खड़ी कर पैदल बिहार कैम्प पहुंचे और बिहार के कैमूर जिले के डीआईजी पी कण्णन व डीएम डॉक्टर नवल किशोर चौधरी के संग जाम के सिलसिले में वार्ता की और जाम की वजह पूछा और उसके बाद बिहार के कैमूर जिले के डीएम से रोड पर लेबरों के लिए बनाये गये कैम्प मे मजदूरों का रजिस्ट्रशन करके बसों द्वारा उनके घर तक भेजने के लिए हो रहे कार्य को पुराने रोड पर कैम्प लगाकर रजिस्टेशन करने की बात हुई चंदौली व कैमूर जिले के उच्चाधिकारियों ने बिहार के एसपी दिलनवाज से रोड पर लगे बसों व मजदूरों के लिए लगे कैम्प को तत्काल मेन रोड से हटाकर पुराने रोड व खाली जगह पर भेजकर जाम लगे मेन रोड को चालू कराने का निर्देश दिया जिसके बाद कैमूर एसपी ने तत्काल खाली रोड पर मजदूरों के लिए लगे बसों को कराया तब जाकर गाड़िया का आवागमन शुरू हुई। लेकिन तब तक यूपी में कई किलोमीटर लम्बी कतार लग और बिहार में कुदरा तक वाहनों की लम्बी लाइन लग गयी देर शाम तक पूरी तरह जाम समाप्त नहीं हो सका वही वाराणसी आईजी ने चंदौली एसपी को निर्देशित किया की अवैध कागज या ओवरलोड बालू लदी गाङियो को यूपी में घुसने न दिया जाय अगर ओवर लोड बालू लदी गाङियो आती है तो चेकिग कर सीज करे इस भीषण जाम के चलते कई राज्यों से किसी न किसी साधन से बिहार जाने के लिए वाहनों से आ रहे थे लेकिन इस भीषण जाम के चलते मजदूर वाहनों को छोड़कर बिहार बार्डर पर पैदल ही चल दिये। इस भीषण गर्मी व तपती धूप में छोटे छोटे बच्चे, महिलाएं व विकलांग अपने घर जाने के लिए हजारों हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके बिहार बार्डर पर पहुंच रहे। रास्ते में कई लोगों ने इन मजदूरों को पानी, शरबत, तरबूज, लाई दाना व गुङ वितरण किया।


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