जल जीवन मिशन" कैसे हो पूरा जब अधिकारी सुनते ही नहीं
बकेवर (इटावा) केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और केंद्र सरकार की नमामि गंगे परियोजना के तहत हर घर को रोज़ पचपन लीटर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने हेतु यह योजना बनाई गई थी मगर अधिकारियों के उदासीन रवैयों के कारण इस योजना की शुरुआत भी नहीं हो सकी, सरकार की सभी योजनाएं कागजों में बनकर कागजों में ही दम तोड देती है वह कहीं धरातल पर साकार होती नजर नहीं आती है!
कितनी भी शिकायत करो मगर कोई भी अधिकारी लोगों की समस्यायों पर ध्यान ही नहीं देते हैं !
नगर पंचायत बकेवर के इटावा रोड पर गोपाल मंदिर तक पेयजल आपूर्ति करने वाली पाइप लाइन बहुत साल पहले बिछाई गई होगी तब से लेकर आज तक इसी रोड पर गोपाल मंदिर से नये हाइवे के तिराहे तक रोड के दोनों तरफ घनी आबादी बस चुकी है मगर पेयजल आपूर्ति के लिए तमाम सभासदों और चेयरमैन और ई ओ से नगर बासियों ने कई बार लिखित में पाइप लाइन बिछाने के लिए अनुरोध किया हर बार आश्वासनों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई!
अभी दिसंबर का महीना खत्म भी नहीं हुआ और घरेलू हेडपंप से पानी आना कम हो गया मार्च का महीना आते आते सभी घरेलू हेडपंप पानी छोड़ जाते हैं एक बहुत बड़ी संख्या लोगों की ऐसी है जो समर लगवाने में सक्षम नहीं है अब ऐसे लोग भीषण गर्मी में पानी के लिए इधर उधर भटकते हुए देखे जाते हैं और नगर के इसी रोड पर करीब एक किलोमीटर के फासले पर सिर्फ एक सरकारी हेडपंप है जिस पर भीड़ अधिक होने के कारण लड़ाई झगडे जैसी स्थिति पैदा हो जाती है!
सरकार जब कोई योजना बनाकर लागू करती है तो उसे ऐसे निकम्मे अधिकारियों के पेंच भी कसने चाहिए जो खुलेआम सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं!
इटावा रोड के मोहल्ला लोहिया नगर के निवासियों ने प्रसासन से मांग की है कि वह गर्मी आने से पहले गोपाल मंदिर से आगे पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य करें जिससे कई सालों से गर्मियों में पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों को कुछ राहत मिल सके!
*सरताज सिद्दीकी (एम.आई.) बकेवर*


No comments