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समाजिक सात्विक संस्था के प्रयास से गरीब, विकलांग बच्चें हों रहें है शिक्षित

प्रातःकाल एक्सप्रेस
प्रयागराज। अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस विश्व में 8 सितंबर को मनाया जाता है। वर्तमान युग में शिक्षा बहुत जरूरी है। शिक्षा के बिना किसी कार्यक्रम का नियोजन सम्भव नहीं है। शिक्षा हमारे जीवन का आवश्यक अंग है। सरकार सर्वशिक्षा अभियान चलाकर प्रत्येक व्यक्ति को साक्षर बनाने के लिए विभिन्न योजनायें संचालित कर रही है। एक व्यक्ति का शिक्षित होना उसके स्वयं का विकास है, वहीं एक बालिका शिक्षित होकर पूरे घर को संवार सकती है। जब देश का हर नागरिक साक्षर बनेगा तभी देश विकास करेगा, सात्विक संस्था ऐसे कई गरीब, विकलांग बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दिलाने का प्रयास कर रही जिनके मां बाप के पास दो वक्त की रोटी नही है खाने को, जो बच्चें स्कूल जाने मे असमर्थ है उन्हे सात्विक संस्था के कार्यकर्ता मुफ्त में शिक्षित करने और उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहे है, संस्था द्वारा विश्व साक्षरता दिवस के मौके पर 6 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक के बच्चों को बेसिक किताबे, कॉपी, पेंसिल, रबर, कटर आदि वितरित किया गया। संस्था के सचिव का कहना है कि दुनिया में शिक्षा और ज्ञान बेहतर जीवन जीने के लिए जरूरी माध्यम है। आज अनपढ़ता देश की तरक्की में बहुत बड़ी बाधा है। जिसके अभिशाप से गरीब और गरीब होता जा रहा है।
सात्विक संस्था का उद्देश्य है नव साक्षरों को उत्साहित करना । अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस हमारे लिये अहम दिवस है, क्योंकि हमारे जीवन में शिक्षा का बहुत अधिक महत्त्व है। हमारे देश में पुरुषों की अपेक्षा महिला साक्षरता कम है। हमें आज के दिन यह संकल्प लेना होगा कि हर व्यक्ति साक्षर बनें, निरक्षर कोई न रहे। हमें अपने यहाँ से निरक्षता को भगाना होगा। तभी हम तरक्की करेंगे, हमारा देश तरक्की करेगा।

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